नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेकपा एमाले के वरिष्ठ नेता के रूप में शपथ ग्रहण कर पार्टी की सक्रिय राजनीति में आधिकारिक रूप से वापसी कर ली है।
काठमांडू में आयोजित एमाले की स्थायी समिति की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने भंडारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
वरिष्ठ नेता के रूप में मनोनयन के बाद एमाले की किसी भी शीर्ष बैठक में भंडारी की यह पहली उपस्थिति है। इससे पहले पार्टी की सचिवालय बैठक ने उन्हें इस पद पर मनोनीत किया था, जिसे बाद में केंद्रीय समिति ने अपनी स्वीकृति दी थी।
देश की राष्ट्रपति बनने से पहले विद्या देवी भंडारी एमाले की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं। केंद्रीय समिति के फैसले पर मोहर लगने के बाद अब वे औपचारिक रूप से वरिष्ठ नेता की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
शपथ ग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पार्टी के भावी संगठनात्मक फैसलों और राजनीतिक रणनीतियों में भंडारी की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।