नेपाल की नई सरकार के गठन के मात्र १८ घंटों के भीतर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार सुबह काठमांडू घाटी अपराध अनुसंधान कार्यालय की एक टीम ने उन्हें भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके निजी निवास से हिरासत में लिया। वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद हुई इस गिरफ्तारी ने देश में हलचल मचा दी है।

यह मामला ओली के कार्यकाल के दौरान हुए भदौ २३ और २४ के 'जेन-जी' आंदोलन से जुड़ा है। उस हिंसक प्रदर्शन में ७६ लोगों की जान चली गई थी। पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस सामूहिक जनहानि के लिए केपी शर्मा ओली को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया था।

बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली कैबिनेट द्वारा कार्की आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के निर्णय के तुरंत बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। ७६ नागरिकों की मृत्यु के मामले में एक पूर्व प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करना नेपाल की न्याय प्रणाली में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। इस गिरफ्तारी के बाद अब देश की भावी राजनीतिक दिशा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।