राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने अपने प्रतिनिधि सभा सदस्य खगेंद्र सुनार से संबंधित मीडिया रिपोर्टों, सार्वजनिक ऑडियो सामग्री और उठाए गए गंभीर सवालों पर ध्यान आकर्षित होने की बात कही है। मीडिया के माध्यम से महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने, अनुचित दबाव, अवांछित धमकियों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन जैसे आरोप सामने आने के बाद पार्टी ने केंद्रीय अनुशासन आयोग को तत्काल आंतरिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।

जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो और पद की नैतिकता बनी रहे, इसके लिए जांच के निष्कर्ष पर पहुंचने तक सांसद सुनार को सार्वजनिक पद की हैसियत से किसी भी औपचारिक कार्यक्रम में भाग न लेने का निर्देश दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार, पद की गरिमा के उल्लंघन और आपराधिक मामलों में उसकी शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रास्वपा ने उम्मीद जताई है कि राज्य की संबंधित एजेंसियां अविलंब स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच करेंगी। पार्टी ने राज्य निकायों द्वारा की जाने वाली जांच में पूर्ण सहयोग का संकल्प जताते हुए दोहराया कि वह 'कानून से ऊपर कोई नहीं है' के लोकतांत्रिक सिद्धांत पर अडिग है।

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कानून का उल्लंघन या पदीय आचरण के विपरीत कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण न देने का आश्वासन देते हुए रास्वपा ने कहा है कि सरकारी जांच और पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर कानून तथा विधान के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।