पर्सा पुलिस द्वारा वीरगंज के प्रमुख हिंदू नेता और राष्ट्रीय समता पार्टी के अध्यक्ष विजय प्रकाश निषाद की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। राष्ट्रीय एकता दल ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे पूरी तरह से अलोकतांत्रिक करार दिया है। संगठन का मानना है कि एक लोकतांत्रिक देश में अपनी संस्कृति और आस्था के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।
पार्टी के मधेस प्रांत प्रभारी रामनाथ यादव द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले नेता निषाद को निशाना बनाना राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कदम है। संगठन ने सचेत किया है कि वैचारिक और धार्मिक आधार पर की जा रही ऐसी दमनकारी कार्रवाइयों से देश के आम नागरिकों का सरकारी तंत्र पर से विश्वास उठ जाएगा।
राष्ट्रीय एकता दल ने नेपाल सरकार और संबंधित सुरक्षा निकायों से मांग की है कि नेता विजय प्रकाश निषाद को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए। इसके साथ ही दल ने सरकार को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करने और वैचारिक मतभेदों के आधार पर उत्पीड़न बंद करने की नसीहत दी है। इस मामले में सरकार का अगला कदम यह तय करेगा कि क्षेत्र में नागरिक स्वतंत्रता की स्थिति क्या मोड़ लेती है।