नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए भारत ने 9 सितंबर 2026 को आठवें भारतीय वायु सेना के विमान से काठमांडू में मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। गत 26 अगस्त 2026 से शुरू किए गए इस राहत अभियान के तहत भारत ने आठ विशेष उड़ानों के माध्यम से 130 टन से अधिक राहत सामग्री और 54 विशेषज्ञ कर्मियों को नेपाल भेजा है।
भारत द्वारा भेजी गई सहायता में अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाओं के अलावा विशेष बचाव उपकरण शामिल हैं। इन विशेष उपकरणों में सुरंग और कीचड़ में बचाव के लिए सूट, गैस डिटेक्टर्स, श्वसन तंत्र, इंफ्लेटेबल वॉकवे, वॉटर पंप और जनरेटर शामिल हैं।
भारतीय सुरंग बचाव दल ने नेपाली सेना के समन्वय में चिलीमे और लांगटांग में अपना बचाव कार्य शुरू किया था। वर्तमान में खोज अभियान मुख्य रूप से चिलीमे में केंद्रित है, जहां कठिन भूभाग, सीमित पहुंच और सुरंग के ढलान के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां आ रही हैं।
चिलीमे सुरंग तक भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए एक अस्थायी मार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिसके अगले दो से तीन दिनों में पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही, भारतीय फोरेंसिक टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण के लिए काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भारत सरकार ने नेपाल के लोगों और सरकार को राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हर संभव सहायता जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।