भारत और नेपाल के बीच सीमा पार परिवहन संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से काठमांडू में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक सम्पन्न हुई। इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने मौजूदा रेल नेटवर्क की प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के रेल संपर्क को गति देने पर सहमति जताई।

काठमांडू में 11 और 12 जून 2026 को आयोजित 10वीं परियोजना संचालन समिति (पीएससी) और 8वीं संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठकों में रेलवे क्षेत्र में समग्र द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इस बैठक के दौरान जनकपुर-अयोध्या खंड पर यात्री ट्रेन सेवाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) पर गहन चर्चा हुई। इसके साथ ही, दोनों पक्षों ने रक्सौल-काठमांडू ब्रॉडगेज रेल लिंक की फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) रिपोर्ट की भी समीक्षा की।

चर्चा में भारत सरकार की अनुदान सहायता से विकसित की जा रही जयनगर-बिजलपुर-बर्दिबास और जोगबनी-विराटनगर ब्रॉडगेज रेलवे लाइनों के कार्यान्वयन की स्थिति का भी जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त, नेपाल की पूर्व-पश्चिम रेलवे लिंक के लिए तकनीकी सहायता और अन्य संभावित रेल संपर्कों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
भविष्य के रणनीतिक कदमों के तहत, दोनों देशों ने सीमा पार रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और इस क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर जुड़े रहने पर सहमति व्यक्त की है।