नेपाल के रसूवा जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की भीषण बाढ़ से तबाह हुई जलविद्युत परियोजनाओं की पुनर्बहाली और सुरंग बचाव अभियान में तेजी आई है। इसी सिलसिले में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने स्याफ्रुबेसी स्थित चिलिमे पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही भारतीय तकनीकी टीम चिलिमे पावर हाउस की दलदली सुरंग के भीतर बचाव कार्य में जुटी हुई है।
विशेष उपकरणों की मदद से संयुक्त टीम सुरंग के कठिन और कीचड़ से भरे वातावरण में करीब १०० मीटर अंदर तक पहुंचने में सफल रही है।
आगे की बाधाओं को हटाने और सुरंग के गहरे हिस्सों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनरी तैनात करने की योजना बनाई जा रही है।
जमीनी निरीक्षण के दौरान राजदूत श्रीवास्तव ने बेहद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दोनों देशों के दलों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि भदौ १० गते आई विनाशकारी बाढ़ ने रसूवा, नुवाकोट, धादिङ, चितवन और गोरखा जिलों के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी।
प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी सुरंग के भीतर जारी यह तलाशी अभियान आने वाले दिनों में बुनियादी ढांचे के आकलन और पुनर्निर्माण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।