जनकपुरधाम, धनुषा - जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) और तराई-मधेस लोकतांत्रिक पार्टी (तमलोपा) के केंद्रीय सदस्यों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के दर्जनों नेता तथा कार्यकर्ता राष्ट्रीय एकता दल में शामिल हुए हैं।
राष्ट्रीय एकता दल धनुषा द्वारा जनकपुरधाम में आयोजित 'हिंदू राष्ट्र के लिए पार्टी प्रवेश' कार्यक्रम में जसपा की केंद्रीय सदस्य उर्मिला देवी महतो, तमलोपा के केंद्रीय सदस्य तथा प्रदेश सभा प्रत्याशी श्याम सुंदर साह सहित विभिन्न दलों से जुड़े नेता-कार्यकर्ता राष्ट्रीय एकता दल में शामिल हुए।
नवप्रवेशी नेताओं और कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय एकता दल के केंद्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने टीका तथा खादा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष यादव ने दावा किया कि नेपाल की मौलिक पहचान, धार्मिक और सांस्कृतिक अस्तित्व के संरक्षण के लिए हिंदू राष्ट्र का पुनरुत्थान आवश्यक है।
“नेपाल की मौलिक पहचान और धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व की रक्षा के लिए हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना अनिवार्य हो चुकी है,” यादव ने कहा, “मधेस और समग्र देश के हित के लिए सनातन धर्मावलंबियों का एक ही राजनीतिक मंच पर आना आवश्यक है।”
पार्टी में शामिल हुए तमलोपा के पूर्व केंद्रीय सदस्य श्याम सुंदर साह ने आरोप लगाया कि पारंपरिक राजनीतिक दल मधेस के मुद्दों तथा सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दे पाए हैं। देश, धर्म और मधेस के हित के लिए वह राष्ट्रीय एकता दल से जुड़े हैं, यह उनका कहना था।
इसी तरह, जसपा की पूर्व केंद्रीय सदस्य उर्मिला देवी महतो ने कहा कि जनता की आस्था तथा धार्मिक पहचान के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वे राष्ट्रीय एकता दल में शामिल हुई हैं।
कार्यक्रम में मनीष पूर्वे, विजय सिंह और हेमंत महतो ने दावा किया कि मधेस में हिंदू राष्ट्र के पक्ष में जनमत का विस्तार हो रहा है और राष्ट्रीय एकता दल द्वारा आगे बढ़ाए गए राजनीतिक तथा सांस्कृतिक मुद्दों ने मधेस में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया है।
राष्ट्रीय एकता दल के केंद्रीय सदस्य रामनाथ यादव द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में धनुषा के विभिन्न स्थानों से आए नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उल्लेखनीय उपस्थिति थी।
पार्टी ने हाल के दिनों में मधेस के विभिन्न जिलों में संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान में तेजी लाने की बात कही है। इस हालिया पार्टी प्रवेश को भी दल ने मधेस में अपने राजनीतिक आधार का विस्तार करने के अभियान की निरंतरता के रूप में लिया है।