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07 Feb, 2026, Saturday
राजनीति

काठमांडू–5 में त्रिकोणीय मुकाबला तय: दिग्गज पौडेल और पोखरेल को ‘वर्जिन कंटेस्टेंट’ अधिकारी की चुनौती

Staff Reporter
Staff Reporter | 2026 February 06, 11:48 AM
सारांश AI
• काठमांडू–5 में मार्च 2026 चुनाव के लिए त्रिकोणीय मुकाबला तय हो गया है।
• पहली बार राजनीति में उतरी निशा अधिकारी दिग्गज नेताओं को चुनौती दे रही हैं।
• मतदाताओं के सामने अब नया चेहरा बनाम विवादित अनुभव की सीधी पसंद है।

काठमांडू — आगामी मार्च 2026 में होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए काठमांडू क्षेत्र संख्या 5 की अंतिम उम्मीदवार सूची औपचारिक रूप से सार्वजनिक होते ही यहां की चुनावी प्रतिस्पर्धा काफी दिलचस्प और ‘हाई-प्रोफाइल’ बन गई है। इस ‘त्रिकोणीय मुकाबले’ में गतिशील लोकतांत्रिक पार्टी से राजनीति में पहली बार कदम रखने वाली ‘वर्जिन कंटेस्टेंट’ (Virgin Contestant), यानी नवप्रवेशी निशा अधिकारी, दो प्रभावशाली दिग्गजों—नेपाली कांग्रेस के मौजूदा सांसद प्रदीप पौडेल और नेकपा (एमाले) के वरिष्ठ नेता ईश्वर पोखरेल—को चुनौती देंगी। इस घोषणा के साथ ही, विशेष रूप से एमाले के टिकट को लेकर हफ्तों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो गई है और एक बेदाग नए चेहरे तथा अतीत के विवादों और राजनीतिक बोझ से घिरे स्थापित नेताओं के बीच मुकाबले का मंच तैयार हो गया है।

साल 2013 में माउंट एवरेस्ट (सगरमाथा) फतह करने वाली चर्चित अभिनेत्री और पर्वतारोही निशा अधिकारी ‘बैटरी’ चुनाव चिह्न के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं। किसी भी विधायी या प्रशासनिक अनुभव के अभाव में खुद को ‘वर्जिन कंटेस्टेंट’ (पूर्ण रूप से कोरा उम्मीदवार) के रूप में प्रस्तुत करने वाली अधिकारी ने पारंपरिक शासन शैली से ऊब चुके मतदाताओं के सामने खुद को ‘क्लीन स्लेट’ (बेदाग विकल्प) के तौर पर रखा है। वि.सं. 2082 कार्तिक (नवंबर 2025) में दल पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाली अधिकारी ने अपनी उम्मीदवारी को राष्ट्र सेवा की “दूसरी पारी” (Second Innings) बताया है। कोविड-19 महामारी के दौरान हुए ‘इनफ इज़ इनफ’ (Enough Is Enough) सड़क आंदोलन से राजनीति में आने की प्रेरणा लेने की बात कहने वाली अधिकारी के एजेंडे में हालिया “जेन ज़ी” (Gen Z) राजनीतिक लहर का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने शासन अनुभव के अभाव की आलोचना को खारिज करते हुए स्थापित राजनीतिक तंत्र पर निर्भर रहने के बजाय “अपनी अलग जगह बनाने” का दावा किया है।

उनका सामना करने के लिए क्षेत्र के मौजूदा सांसद प्रदीप पौडेल तैयार हैं, जिनकी उम्मीदवारी मंत्रिमंडल से बाहर निकलने की विवादित परिस्थितियों के बावजूद पुष्टि हो चुकी है। साल 2022 के चुनाव में ईश्वर पोखरेल को 5,000 से अधिक मतों के अंतर से हराने वाले पौडेल ने 9 सितंबर 2025 को स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। ‘जेन ज़ी आंदोलन’ के बाद सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ कैबिनेट बैठक में तीखी बहस के बाद उन्होंने पद छोड़ा था। उनके कार्यकाल के दौरान मई 2025 में दिया गया एक बयान भी विवादों में रहा, जिसमें उन्होंने विदेश में काम करने वाले नेपाली डॉक्टरों से सरकार को “रॉयल्टी” देने का सुझाव दिया था। नेपाल चिकित्सक संघ ने इस बयान की निंदा करते हुए आरोप लगाया था कि मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ “बिकने वाली वस्तु” जैसा व्यवहार किया।

तीसरे निश्चित प्रतिस्पर्धी पूर्व उपप्रधानमंत्री ईश्वर पोखरेल हैं, जिन्होंने पार्टी के भीतर भारी उपेक्षा के बावजूद नेकपा (एमाले) का टिकट सुरक्षित किया है। जनवरी 2026 में पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने पोखरेल को नीति एवं अनुसंधान प्रतिष्ठान के प्रमुख पद से हटाकर विष्णु रिमाल को नियुक्त किया था, जिसे प्रतिद्वंद्वियों को किनारे लगाने की कार्रवाई के रूप में देखा गया। पोखरेल पर ओम्नी प्रकरण (कोविड-19 सामग्री खरीद में अनियमितता) और यति होल्डिंग्स जैसे व्यावसायिक समूहों को अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े गंभीर आरोपों का बोझ है।

उम्मीदवारों की सूची के अंतिम रूप लेने के साथ ही काठमांडू–5 मार्च 2026 के चुनाव का केंद्रबिंदु बन गया है। अब मतदाताओं को अधिकारी के बेदाग लेकिन अपरीक्षित “नयापन” और पौडेल व पोखरेल के अनुभवी लेकिन विवादित अतीत के बीच स्पष्ट चयन करना होगा।

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