नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेकपा एमाले के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री खगराज अधिकारी ने इस कार्रवाई को 'अवैध' और 'प्रतिशोधपूर्ण' बताते हुए सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिशोध की जो ज्वाला जलाई गई है, वह पूरे देश में अशांति की आग भड़का सकती है।

अधिकारी ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी ठोस आरोप और कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए, रात के अंधेरे में जिस तरह से ओली को पकड़ा गया, वह सरकार की दुर्भावना को दर्शाता है। उनके अनुसार, जांच समिति की सिफारिशों का हवाला देकर सरकार ने अपनी राजनीतिक खुन्नस निकाली है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र और कानून के शासन पर प्रहार है।

एमाले नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस कदम को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी और कानूनी मोर्चे के साथ-साथ सड़कों पर भी इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अधिकारी ने ओली की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सरकार को संघर्ष के बजाय सहमति और सहयोग का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में यह विवाद नेपाल की घरेलू राजनीति में एक बड़े टकराव का रूप ले सकता है।

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