आर्थिक वर्ष 2083/84 के लिए प्रस्तुत बजट को लेकर कोशी प्रदेश के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, किसानों और आर्थिक विश्लेषकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि उत्पादन, उद्योग, कृषि, पर्यटन और निजी क्षेत्र को प्राथमिकता देने वाली नीतियाँ आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक हो सकती हैं।

व्यापारिक समुदाय का कहना है कि सरकार ने उत्पादनमूलक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी की प्रतिबद्धता दिखाई है, जिससे निवेश वातावरण को मजबूती मिल सकती है।

नेपाल वन पैदावार उद्योग व्यवसायी महासंघ के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने, कृषि के आधुनिकीकरण और पर्यटन प्रवर्द्धन पर दिया गया जोर रोजगार सृजन और बाजार विस्तार में योगदान दे सकता है। उन्होंने ब्याज दरों में कमी, डिजिटल कारोबार को बढ़ावा और युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित करने वाले कार्यक्रमों को भी सकारात्मक बताया।

झापा और सुनसरी के पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि पूर्वी नेपाल के पर्यटन स्थलों के विकास, सड़क अवसंरचना सुधार और आंतरिक पर्यटन विस्तार से उनके क्षेत्र को लाभ मिल सकता है।

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कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सिंचाई, भंडारण और कृषि उत्पादन बढ़ाने वाली योजनाओं का स्वागत किया है। सुनसरी के देवानगंज निवासी किसान रामविलास चौधरी ने कहा कि ये कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आर्थिक विश्लेषकों ने भी चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिस्थितियों के बीच विकास और उत्पादन को प्राथमिकता देने को सकारात्मक संकेत माना है। धरान के अर्थ विश्लेषक कृष्णकुमार अग्रवाल के अनुसार सरकार ने निजी क्षेत्र को विकास साझेदार के रूप में स्वीकार करते हुए निवेश और उत्पादन वृद्धि का संकेत दिया है, लेकिन इसकी सफलता प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।

सामान्य नागरिकों ने भी महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों से उम्मीद जताई है। इटहरी के युवा अभियानी प्रिन्स दाहाल ने स्टार्टअप, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं को युवाओं के लिए अवसर के रूप में देखा है।

कुल मिलाकर कोशी प्रदेश में बजट को लेकर आशावादी माहौल देखा जा रहा है। हालांकि अधिकांश सरोकारवालों का मानना है कि वास्तविक परिणाम योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही सामने आएंगे।