नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों की याद में बागमती घाट पर जल तर्पण और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय एकता दल ने आपदा पीड़ितों के प्रति राज्य की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए दीर्घकालिक पुनर्वास की मांग उठाई।

पशुपतिनाथ मंदिर के पूर्वी द्वार स्थित बागमती तट पर अमवस्या के अवसर पर अपराह्न 4 बजे यह धार्मिक एवं सामाजिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने एक लोटा जल अर्पित कर दिवंगत आत्माओं की शांति और मोक्ष की कामना की।

इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष विनय यादव, केंद्रीय नेता तोयानाथ दाहाल, विनोद सिंह और पुस्ता लामा (पाथीभरा माता) सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि सरकार ने गत 22 भाद्र को राष्ट्रीय शोक की घोषणा तो की, लेकिन सार्वजनिक अवकाश न देकर केवल औपचारिकता निभाई। उन्होंने जोर दिया कि संकट में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति राज्य का पूर्ण सम्मान दिखना चाहिए।

संगठन ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए उचित क्षतिपूर्ति और पुनर्वास पैकेज की मांग की है। साथ ही हर साल 22 भाद्र को भोटेकोशी बाढ़ स्मृति दिवस के रूप में मनाते हुए राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया गया है।