नेपाल के ट्रेकिंग पर्यटन क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि कथित हेलिकॉप्टर रेस्क्यू घोटाले में विदेशी पर्यटकों की फर्जी चिकित्सकीय निकासी दिखाकर बीमा कंपनियों से बड़ी रकम लेने का मामला सामने आया है।
Nikkei Asia की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल पुलिस ने तीन हेलिकॉप्टर रेस्क्यू कंपनियों — माउंटेन रेस्क्यू सर्विस, नेपाल चार्टर सर्विस और एवरेस्ट एक्सपीरियंस — से जुड़े छह संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने मेडिकल आपातस्थिति को गढ़ा या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया, अनावश्यक उड़ानें कराईं और अस्पताल बिल बढ़ाए।
पुलिस के अनुसार 2022 से 2025 के बीच कम से कम 317 रेस्क्यू ऑपरेशन संदिग्ध पाए गए, जिनसे जुड़े बीमा दावे लगभग 19.69 मिलियन डॉलर तक पहुँचते हैं।
नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रवक्ता शिव कुमार श्रेष्ठ ने Nikkei Asia से कहा कि जांच जारी है और दस्तावेज जालसाजी, आपराधिक धोखाधड़ी तथा राष्ट्रीय हित के विरुद्ध अपराध जैसे आरोप लग सकते हैं। संगठित लाभ कमाने और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू भी जांच के दायरे में हैं।
जांच में कथित रूप से फर्जी यात्री सूची, कार्गो रिकॉर्ड और बिल तैयार करने तथा ऐसी उड़ानों के लिए बीमा दावा दाखिल करने के संकेत मिले हैं जो हुई ही नहीं थीं। सितंबर से शुरू चार महीने की जांच ने पिछले तीन वर्षों पर ध्यान केंद्रित किया है और 2018 की सरकारी जांच के निष्कर्षों का भी सहारा लिया गया है।
यह कार्रवाई पिछले साल सितंबर की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद शुरू भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के दौरान हुई है। अलग मामले में कई पूर्व मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के दायरे में लाए गए हैं।
पर्यटन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि वास्तविक आपात स्थितियों में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू जरूरी है, लेकिन दुरुपयोग से अंतरराष्ट्रीय भरोसे को नुकसान पहुंच सकता है। बीमा कंपनियों द्वारा नियम सख्त करना और प्रीमियम बढ़ाना इसी दबाव का संकेत माना जा रहा है।
जारी जांच के नतीजे नेपाल में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू और ट्रेकिंग बीमा व्यवस्था के भविष्य के नियमन को प्रभावित कर सकते हैं।
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