नेपाल सरकार ने सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम, 2075 में संशोधन के लिए एक विधेयक तैयार किया है, जिसे मंत्रिमंडल के माध्यम से संसद में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्तावित संशोधन विधेयक में मां के लिए कम से कम छह महीने और पिता के लिए 42 दिनों का सवेतन अवकाश देने का प्रावधान किया गया है।

सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से जानकारी देते हुए कानून मंत्री सोबिता गौतम ने बताया कि आज की व्यस्त दिनचर्या, काम के दबाव और बदलती जीवनशैली के कारण अधिकांश परिवार एक या दो बच्चों तक ही सीमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में एक या दो बार आने वाले मातृत्व और पितृत्व के विशेष समय में अभिभावकों को अपने नवजात शिशु और परिवार के लिए पर्याप्त समय देना राज्य की जिम्मेदारी है।

मंत्री गौतम के अनुसार, बच्चे को जन्म देना भले ही मां से जुड़ी प्राकृतिक प्रक्रिया हो, लेकिन बच्चे का पालन-पोषण केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह माता-पिता की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसी आधार पर प्रस्तावित विधेयक में मां के लिए छह महीने का मातृत्व अवकाश और पिता के लिए 42 दिनों का प्रसूति देखभाल अवकाश प्रस्तावित किया गया है।

इस कदम को सुरक्षित मातृत्व और अभिभावकत्व के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह विधेयक अब संसद में औपचारिक चर्चा और प्रस्तुति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।