नेपाली कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सुलग रहा असंतोष अब पूरी तरह सतह पर आ गया है। खुद को पार्टी में 'व्यापक एकता का पैरोकार' बताने वाले असंतुष्ट युवा नेताओं ने शनिवार को काठमांडू में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय नेतृत्व के कामकाज की शैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बैठक के जरिए युवा गुट ने गगन कुमार थापा के नेतृत्व वाली केंद्रीय समिति के खिलाफ देशव्यापी जागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

काठमांडू के सुकेधारा में युवा नेता कुंदन काफले की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जीत शेरचन, केदार कार्की, भूपेंद्र राई और राजू श्रेष्ठ सहित विभिन्न जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद जारी एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि वर्तमान नेतृत्व पार्टी के संविधान, संगठनात्मक ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन कर रहा है। असंतुष्ट नेताओं ने कहा कि पार्टी में वैचारिक मतभेद रखने वालों को अनुशासन के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है और संगठन को पूरी तरह नियंत्रित करने की कोशिश हो रही है।

विवाद का मुख्य कारण नेपाल महिला संघ, नेपाल छात्र संघ और नेपाल तरुण दल जैसे प्रमुख भ्रातृ संगठनों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ जाकर भंग करना बताया गया है। युवा नेताओं का दावा है कि नेतृत्व के इस कदम से पार्टी के भीतर आपसी भरोसा कमजोर हुआ है। इस स्थिति से निपटने के लिए असंतुष्ट गुट ने इन भंग संगठनों के कार्यकर्ताओं की अलग बैठकें बुलाकर नई समानान्तर केंद्रीय समितियों के गठन का फैसला लिया है।

आगामी 15वें महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर भी युवा नेताओं ने नेतृत्व की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, जब सक्रिय सदस्य पहले ही नियमानुसार अपनी सदस्यता का नवीनीकरण करा चुके हैं, तब 'सत्यापन' के नाम पर दोबारा दबाव बनाना संगठन पर अवैध कब्जा करने की एक सोची-समझी रणनीति है। असंतुष्ट पक्ष ने देशभर के कार्यकर्ताओं से इस अनावश्यक प्रक्रिया का हिस्सा न बनने की अपील की है ताकि महाधिवेशन को निष्पक्ष रखा जा सके।

पार्टी के आंतरिक मुद्दों के अलावा, इस बैठक में सरकार की हालिया नीतियों की भी तीखी आलोचना की गई। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सुकुमारबासी (भूमिहीन) बस्तियों को उजाड़ने के सरकारी अभियान को अमानवीय बताते हुए नेताओं ने कहा कि इससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के बुनियादी मानवाधिकारों का हनन हुआ है। उन्होंने भूमिहीनों के हक में आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

इसके साथ ही, संविधान प्रदत्त अधिकारों का हवाला देते हुए ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों में सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करने का संकल्प लिया गया। बैठक में देश के बहुचर्चित सहकारी घोटाले का मुद्दा भी गूंजा। युवा नेताओं ने जनता के टैक्स के पैसे से सहकारी पीड़ितों की भरपाई करने की योजना को घोटालेबाजों को बचाने की साजिश करार दिया। उन्होंने मांग की कि दोषियों की संपत्ति से ही पैसा वसूल कर पीड़ितों को लौटाया जाए।

नेपाली कांग्रेस के भीतर उभरे इस नए ध्रुवीकरण को राजनीतिक विश्लेषक एक नए शक्ति समीकरण के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, गगन कुमार थापा के नेतृत्व वाले पक्ष ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन असंतुष्ट युवा नेताओं के इस आक्रामक रुख से साफ है कि महाधिवेशन से पहले नेपाली कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति काफी गरमाने वाली है।