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07 Feb, 2026, Saturday
राजनीति

ओली ने दो चरणों में चुनाव पर जताई आपत्ति, राज्य की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

पूर्व प्रधानमंत्री का कहना, विभाजित मतदान से चुनाव की विश्वसनीयता खतरे में पड़ सकती है

Staff Reporter
Staff Reporter | 2026 February 05, 02:06 PM
सारांश AI
• केपी शर्मा ओली ने दो चरणों में चुनाव कराने पर गंभीर आपत्ति जताई है।
• उन्होंने राज्य की निष्पक्षता और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया।
• ओली ने मतदान के तुरंत बाद मतगणना को अनिवार्य बताया।

नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आगामी संसदीय चुनावों को दो चरणों में कराने के प्रस्ताव पर गंभीर आपत्ति जताई है।

झापा में स्थानीय नागरिकों से बातचीत के दौरान ओली ने कहा कि यदि चुनाव को विभाजित करने की स्थिति बनाई जा रही है, तो सरकार को तारीख आगे बढ़ाकर एक ही चरण में मतदान कराना चाहिए। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी को चुनाव विभाजन का आधार मानने से इनकार किया।

ओली ने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लोकतंत्र की बुनियाद बताते हुए कहा कि मतपेटियों को उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधियों की निगरानी से एक क्षण के लिए भी दूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मतदान समाप्त होते ही सभी दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में तत्काल मतगणना की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य के अंग निष्पक्ष नहीं रहते और किसी पक्ष को जिताने या हराने की भूमिका निभाते हैं, तो ऐसा चुनाव लोकतांत्रिक नहीं माना जा सकता और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

ओली ने स्पष्ट किया कि यह बयान किसी प्रकार की शिकायत नहीं बल्कि संभावित अन्याय के विरुद्ध चेतावनी है। उन्होंने कहा कि एमाले केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश निर्माण के उद्देश्य से गठित पार्टी है।

पार्टी ने राज्य से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और धांधली-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की है।

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