सरकार गठन और शक्ति संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने अपने संसदीय नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय समिति की बैठक में बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के साथ ही शाह को संसदीय मोर्चे का नेतृत्व सौंपा गया है। काठमांडू के पूर्व मेयर रहे शाह अब संसद में पार्टी के एजेंडा और गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह में अग्रिम पंक्ति में उनकी उपस्थिति के बाद आया यह निर्णय पार्टी की संसद में सक्रिय भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है, जिससे संसदीय रणनीति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

इस नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।