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07 Feb, 2026, Saturday
राजनीति

द बालेन गैम्बिट: 'डिजिटल ब्रदरहुड' के दम पर रास्वपा के राष्ट्रीय अभियान के लिए मेयर और मंत्री का इस्तीफा

Staff Reporter
Staff Reporter | 2026 February 05, 03:36 PM

​काठमांडू — नेपाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा देने वाले एक नाटकीय घटनाक्रम में, काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन शाह और युवा एवं खेल मंत्री बब्लू गुप्ता ने औपचारिक रूप से अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के झंडे तले एकजुट हो गए हैं।

​यह कदम केवल एक सामान्य इस्तीफा नहीं है; यह यथास्थितिवादी सोच के खिलाफ युद्ध की घोषणा है। रास्वपा ने बालेन शाह को आगामी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाते हुए, स्थानीय शासन से सीधे देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद पर छलांग लगाने का स्पष्ट संकेत दिया है।

​'गुप्त हथियार': एमआरआर (MRR) का परिचालन

​इस उच्च जोखिम वाले अभियान के केंद्र में एक ऐसी रणनीति है जो नेपाल की राष्ट्रीय राजनीति में पहले कभी नहीं देखी गई। खबरों के अनुसार, नए गठबंधन ने अपने रसद और संचालन के आधार (logistical and operational backbone) के रूप में मेन्स रूम रीलोडेड (MRR) नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है।
​यह कोई सामान्य स्वयंसेवक दस्ता नहीं है। 53,000 से अधिक सक्रिय सदस्यों वाला यह "ब्रदरहुड" (भाईचारा) एक अनुशासित डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसने अतीत में "इनफ इज इनफ" (Enough Is Enough) अभियान और बालेन के स्वयं के मेयर चुनाव अभियान में अपनी क्षमता साबित की है। इस नेटवर्क को एकीकृत करके, रास्वपा का अभियान पारंपरिक पार्टी तंत्र को दरकिनार (bypass) करते हुए एक विकेंद्रीकृत, तकनीकी रूप से दक्ष और अत्यधिक गतिशील बल का उपयोग कर रहा है।

​महानगर से सिंहदरबार तक

​राजनीतिक विश्लेषकों ने बालेन के साथ मंत्री गुप्ता की भागीदारी को एक रणनीतिक 'मास्टरस्ट्रोक' के रूप में देखा है। जहां बालेन "नया नेपाल" का विजन और लोकप्रियता की आग लेकर आते हैं, वहीं मंत्री गुप्ता प्रशासनिक अनुभव और विभागीय वजन जोड़ते हैं।

​"इस संक्रमण ने स्वतंत्र राजनीतिक हस्तियों को रास्वपा के ढांचे के भीतर एकीकृत करने का महत्वपूर्ण काम किया है," एक पर्यवेक्षक ने टिप्पणी की। "उन्होंने एक बड़ा दांव लगाया है कि कार्यकारी महत्वाकांक्षा और डिजिटल लामबंदी (mobilization) का संयोजन काठमांडू घाटी से बाहर भी मतदाताओं को उत्साहित कर सकता है।"

​प्रचार का नया युग?

​एमआरआर (MRR) पर भारी निर्भरता संकेत देती है कि आगामी चुनाव एक नए मैदान पर लड़ा जाएगा। उम्मीद है कि यह अभियान निम्नलिखित बातों को प्राथमिकता देगा:

  • डिजिटल वर्चस्व: रैपिड-रिस्पॉन्स नेटवर्क (rapid-response networks) के माध्यम से विमर्श (narrative) को नियंत्रित करना।
  • युवा-नेतृत्व की कहानी: निष्क्रिय मतदाताओं को सक्रिय प्रचारकों में बदलने के लिए "ब्रदरहुड" की गतिशीलता का उपयोग करना।
  • जमीनी लहर: 2022 के स्थानीय चुनावों में देखे गए स्वतःस्फूर्त समर्थन की लहर को राष्ट्रीय स्तर पर दोहराना।

​जैसे-जैसे देश चुनाव की ओर बढ़ रहा है, सवाल यह बना हुआ है: क्या एक "डिजिटल ब्रदरहुड" और इस्तीफा दे चुके मेयर सिंहदरबार में जमी हुई सत्ता को उखाड़ फेंकने में सक्षम होंगे? बालेन-गुप्ता गठबंधन ने इसी पर अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है।

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