फाल्गुन 21 को प्रतिनिधि सभा चुनाव से पहले नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) ने चुनावी माहौल को लेकर गंभीर चिंता जताई है और साथ ही व्यापक जनसमर्थन के आधार पर बहुमत प्राप्त करने का दावा किया है।

पार्टी के प्रचार विभाग प्रमुख मिनबहादुर शाही ने कहा कि सरकार विश्वसनीय शांति और सुरक्षा वातावरण बनाने में असफल रही है। उन्होंने रौतहट के गौर में जारी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू, बारा में उम्मीदवार ज्वाला कुमारी साह के प्रचार सामग्री में तोड़फोड़ और दाङ–2 में महासचिव शंकर पोखरेल के क्षेत्र में झंडा जलाने की घटनाओं का उल्लेख किया।

शाही ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि झंडा जलाने, नेतृत्व के खिलाफ नकारात्मक प्रचार और कथित भ्रामक सर्वेक्षण के जरिए जनमत को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। होली के अवसर पर कुछ जिलों में नेताओं की तस्वीर वाले टी-शर्ट वितरण पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।

एमाले ने निर्वाचन आचारसंहिता के उल्लंघन के मामलों में निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और सख्त निगरानी तथा कार्रवाई की मांग की।

इसके बावजूद, शाही ने स्पष्ट किया कि पार्टी भयभीत नहीं है। उनके अनुसार, देशभर में लगभग 14.5 से 15 लाख नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि एमाले सबसे लोकप्रिय पार्टी बनकर बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

पार्टी ने प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन किसी विशेष दल को लाभ पहुँचाने वाले भ्रामक प्रचार का विरोध किया।

कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं को शाही ने निराधार बताया और कहा कि मुख्य संगठन से कोई बाहर नहीं गया है। चुनाव के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए एमाले ने सरकार से निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है।