चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शीर्ष नेतृत्व में की गई हालिया कार्रवाई के बाद केंद्रीय सैन्य आयोग की संरचना सिमट गई है, जिससे कमान स्थिरता, मनोबल और दीर्घकालीन सैन्य तैयारी पर जोखिम बढ़ने की आशंका जताई गई है।

उपलब्ध स्रोत सामग्री के अनुसार केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) से उपाध्यक्ष झांग यूशिया और वरिष्ठ अधिकारी लियू झेनली को हटाए जाने के बाद आयोग में अध्यक्ष शी जिनपिंग और केवल एक सदस्य झांग शेंगमिन बचे हैं। न्यूयॉर्क स्थित राजनीतिक जोखिम परामर्श संस्था SinoInsider ने इसे शी के दौर में PLA के लिए सबसे अस्थिर चरणों में से एक बताया है।

SinoInsider का आकलन है कि इन कार्रवाइयों का असर सेना, पार्टी नौकरशाही और पुराने शक्ति नेटवर्क पर मनोवैज्ञानिक दबाव के रूप में दिखाई देगा। संस्था के अनुसार शीर्ष स्तर पर अचानक बदलाव रणनीतिक निरंतरता और समन्वय को कमजोर कर सकता है।

वॉशिंगटन डीसी स्थित Cato Institute के नीति विश्लेषक इवान सैंकी ने स्रोत सामग्री में कहा है कि सामान्यतः सात सदस्यों वाली CMC अब दो व्यक्तियों तक सीमित है और वर्तमान संरचना में कोई भी सदस्य प्रत्यक्ष युद्ध अनुभव वाला नहीं है। उनके अनुसार यह स्थिति नेतृत्व प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है।

RAND Corporation की रक्षा नीति विशेषज्ञ शानशान मेई ने कहा कि लगातार हटाए जाने की घटनाएँ सैन्य और नागरिक प्रशासन दोनों में भय और अत्यधिक सतर्कता का माहौल पैदा करती हैं। उनके अनुसार अनिश्चितता बढ़ने से अधिकारी अधिक जोखिम से बचने वाला रवैया अपनाते हैं।

सिंगापुर के S. Rajaratnam School of International Studies के शोधकर्ता ज़ी यांग ने, जैसा कि स्रोत में उद्धृत है, कहा कि अनुभवी कमांडरों का हटना PLA के पेशेवर ढांचे को कमजोर करता है और इससे आंतरिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

पूर्व पेंटागन एशिया रणनीतिकार ड्र्यू थॉम्पसन ने चेतावनी दी है कि यदि शीर्ष नेतृत्व के पास सीमित और कमजोर सलाह तंत्र हो, तो संकट की स्थिति में गलत निर्णय का खतरा बढ़ जाता है। उनका सवाल है कि सीमित सदस्यीय आयोग संकट में कितनी प्रभावी सलाह दे पाएगा।

एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के लायल मॉरिस के अनुसार अनुभवी नेतृत्व हटाने का असर लंबे समय तक सैन्य क्षमता और संगठनात्मक संतुलन पर पड़ सकता है। विश्लेषण संकेत देते हैं कि PLA के शीर्ष ढांचे में अस्थिरता निकट भविष्य तक जारी रह सकती है।