सीपीएन (यूएमएल) की समर्थक और जेन-जी कार्यकर्ता अमीषा पराजुली ने सोशल मीडिया पर अपने चरित्र हनन और गंभीर धमकियों के खिलाफ नेपाल पुलिस साइबर ब्यूरो, भोटाहिटी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह कानूनी कार्रवाई तब हुई जब उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अमानवीय गाली-गलौज और बलात्कार की धमकियां दी गईं। न्यूज एजेंसी नेपाल के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमीषा ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए अपनी राय रखी थी।

पराजुली ने आरोप लगाया है कि उनके वीडियो का दुरुपयोग किया जा रहा है और कमेंट बॉक्स में उनके खिलाफ हिंसक भाषा का प्रयोग हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं बोला है, फिर भी उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। अमीषा ने बताया कि यह केवल राजनीतिक असहमति नहीं बल्कि एक संगठित साइबर अपराध है, जिसका उद्देश्य उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना है।

इस संकट के समय में अमीषा को अपने परिवार का पूरा समर्थन मिल रहा है, जो उनकी बेगुनाही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से वाकिफ हैं। डिजिटल हिंसा के खिलाफ उनका यह कदम उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो इंटरनेट का उपयोग दूसरों की मर्यादा को ठेस पहुँचाने के लिए करते हैं। साइबर ब्यूरो अब उन खातों और व्यक्तियों की जांच कर रहा है जिन्होंने मर्यादा की सीमाएं लांघी हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।

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