दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में सह-पायलट के साथ कॉकपिट के नियंत्रण के लिए संघर्ष करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने वाले 30 वर्षीय भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के अदम्य साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को बड़े हादसे से सुरक्षित निकालने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें 'नायक' करार दिया है।

विमान में सवार 174 यात्रियों में से 166 इजराइली नागरिक थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कैप्टन मच्छर की त्वरित सूझबूझ और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस साहसिक कार्य से सैकड़ों जिंदगियां सुरक्षित बची हैं। वहीं, इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी विषम परिस्थितियों में कॉकपिट पर नियंत्रण बनाए रखने और संभावित आपदा को टालने के लिए कैप्टन की बहादुरी की सराहना की।

मुंबई के रहने वाले कैप्टन मच्छर के पास बोइंग-737 विमान उड़ाने का 13 वर्षों से अधिक का व्यावसायिक अनुभव है। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह 2022 से फ्लाईदुबई में कार्यरत हैं और इससे पहले भारतीय विमानन कंपनी स्पाइसजेट में सेवाएं दे चुके हैं। संघर्ष के दौरान घायल हुए कैप्टन का फिलहाल सऊदी अरब में इलाज चल रहा है, जहां उनसे मिलने उनके माता-पिता पहुंच चुके हैं।

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प्रारंभ में अपने पारिवारिक परिधान व्यवसाय में हाथ बंटाने के लिए प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे मच्छर एक विमानन सेमिनार में भाग लेने के बाद इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हुए थे। वर्ष 2025 के एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा था कि विमानन उद्योग में अत्यधिक दबाव के समय संयम बनाए रखना ही सबसे बड़ी जरूरत है।

सऊदी अरब में कैप्टन मच्छर के स्वास्थ्य में सुधार के बीच, उनकी यह जांबाजी साबित करती है कि मध्य-हवा में उत्पन्न अभूतपूर्व संकट के समय पायलट का धैर्य और पेशेवर प्रशिक्षण कितना निर्णायक हो सकता है।