नेपाल सरकार (प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय - OPMCM) द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए मंत्रिपरिषद के सदस्यों के आधिकारिक संपत्ति विवरण और प्राकृतिक आपदा के समय प्रधानमंत्री दैवीय आपदा राहत कोष में दिए गए योगदान से संबंधित एक खोजपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। सुशासन तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, २०५९ की धारा ५० के अनुसार सार्वजनिक किए गए इस विवरण से मंत्रियों की चल-अचल संपत्ति, सोना-चांदी, शेयर निवेश और आपदा के समय उनके योगदान की वास्तविक तस्वीर सामने आती है।

संपत्ति तथा योगदान तुलनात्मक तालिका

मंत्री का नाम मंत्रालय / पद नकद तथा बैंक बैलेंस सोना / चांदी अचल संपत्ति (मकान / जमीन) राहत कोष में योगदान (वेतन + अतिरिक्त)
वालेंद्र (बालेन) शाह प्रधानमंत्री रु. १ करोड ४६ लाख १९० तोला सोना (पत्नी के नाम पर) अपने नाम पर कोई जमीन नहीं; काठमाडौँ, धनुषा और महोत्तरी में परिवार के नाम पर १ महीने का वेतन कटौती और मंत्रिपरिषद राहत निर्णय
डॉ. स्वर्णिम वाग्ले अर्थ मंत्री रु. १ करोड ९० लाख ४५ तोला सोना भैंसेपाटी, सानेपा, धुलिखेल और बंदीपुर में कुल रु. १२ करोड से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति १ महीने का वेतन कटौती
सुधन गुरुंग गृह मंत्री रु. ६१ लाख नकद, रु. ४ करोड ३१ लाख शेयर ८९ तोला सोना, ६ किग्रा चांदी धनकुटा में १९ रोपनी १५ आना जमीन; चितवन में पिता के नाम पर ३० कठ्ठा १ महीने का वेतन कटौती
सस्मित पोखरेल शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री रु. २४ करोड १६ लाख (कुल संपत्ति) सोना, चांदी और हीरे के गहने काठमाडौँ, मोरंग और ललितपुर में परिवार के सदस्यों के नाम पर मकान/जमीन १ महीने का वेतन कटौती
बिराजभक्त श्रेष्ठ ऊर्जा, जलसंसाधन तथा सिंचाई मंत्री रु. ७९ लाख नकद, रु. १ करोड ४५ लाख शेयर १५ तोला सोना, ५० तोला चांदी काठमाडौँ में २ मकान और गाड़ियां १ महीने का वेतन कटौती
शिशिर खनाल विदेश मंत्री रु. १० लाख नकद २२ तोला सोना, २५ तोला चांदी टोखा में मकान तथा तनहुँ, नवलपुर और नेपालगंज में जमीन १ महीने का वेतन कटौती
सुनील लम्साल भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री रु. ९० लाख नकद ३० तोला सोना, ५० तोला चांदी काठमाडौँ सहित विभिन्न स्थानों पर मकान और जमीन १ महीने का वेतन कटौती
सोबिता गौतम कानून, न्याय तथा संसदीय कार्य मंत्री बैंक बचत तथा शेयर निवेश सोना, चांदी और हीरे के गहने काठमाडौँ और चितवन में परिवार के नाम पर मकान १ महीने का वेतन कटौती

मंत्रीवार विस्तृत विवरण

प्रधानमंत्री वालेंद्र (बालेन) शाह: नकद/बैंक बैलेंस: रु. १ करोड ४६ लाख। आय का स्रोत फेसबुक, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्राप्त रॉयल्टी को बताया गया है। सोना/चांदी: १९० तोला सोना (मायके पक्ष मोरंग से पत्नी सबिना काफ्ले द्वारा प्राप्त स्त्रीधन/पैतृक संपत्ति)। अचल संपत्ति: स्वयं के नाम पर कोई मकान या जमीन नहीं है। माता ध्रुवदेवी शाह के नाम पर काठमाडौँ-९ में ५ आना और धनुषा में १.२ बीघा; तथा पिता रामनारायण शाह के नाम पर महोत्तरी में ९ बीघा जमीन है।

अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले: नकद/बैंक बैलेंस: विभिन्न बैंक खातों में रु. १ करोड ९० लाख। इसके अलावा सानिमा मिडल तमोर हाइड्रोपावर, सांग्रिला डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं में शेयर निवेश है। अचल संपत्ति: कुल रु. १२ करोड से अधिक मूल्य के आवास तथा अपार्टमेंट (भैंसेपाटी में रु. ५ करोड का मकान, सानेपा में रु. २ करोड का अपार्टमेंट, धुलिखेल में रु. ३.७५ करोड का अपार्टमेंट और बंदीपुर में रु. २ करोड की जमीन)।

गृह मंत्री सुधन गुरुंग: नकद तथा शेयर: रु. ६१ लाख नकद बैलेंस और जलविद्युत तथा प्राइवेट कंपनियों में रु. ४ करोड ३१ लाख का शेयर स्वामित्व। सोना/चांदी: ८९ तोला सोना और ६ किलोग्राम चांदी (पैतृक स्रोत दर्शाया गया है)। अचल संपत्ति: धनकुटा में १९ रोपनी १५ आना जमीन और चितवन के गुंजनगर में पिता के नाम पर ३० कठ्ठा जमीन।

शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल: कुल संपत्ति: रु. २४ करोड १६ लाख मूल्य की संपत्ति घोषित (मंत्रियों में सबसे अधिक)। काठमाडौँ, मोरंग और ललितपुर में माता-पिता के नाम पर रु. ९ करोड से अधिक मूल्य के मकान और जमीनें हैं।

निष्पक्ष विश्लेषण तथा निष्कर्ष

सार्वजनिक किए गए संपत्ति विवरण के सूक्ष्म वित्तीय विश्लेषण से निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आती हैं:

  • अचल संपत्ति का स्रोत और स्वामित्व: अधिकांश मंत्रियों ने अपने नाम के बजाय पिता, माता या पत्नी (स्त्रीधन) के नाम पर मकान और जमीन पंजीकृत दिखाई है। इससे कानूनी रूप से मंत्रियों की व्यक्तिगत संपत्ति कम दिखाई देती है, लेकिन पारिवारिक रूप से उनका उच्च वित्तीय स्तर सिद्ध होता है।

  • संपत्ति मूल्यांकन की कानूनी अस्पष्टता: नेपाल के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अनुसार पदभार ग्रहण करने के साथ विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है, लेकिन घोषित अचल संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य और स्रोत की स्वतंत्र निगरानी व जांच करने वाला तंत्र अभी भी कमजोर दिखाई देता है।

  • दैवीय आपदा राहत कोष में योगदान: आपदा की संकटपूर्ण स्थिति में सभी मंत्रियों ने सरकारी निर्णय के अनुसार अनिवार्य रूप से १ महीने का वेतन प्रधानमंत्री दैवीय आपदा राहत कोष में जमा किया है। हालांकि, व्यक्तिगत स्तर पर स्वेच्छा से अतिरिक्त राशि देने की प्रवृत्ति सीमित है।

सार्वजनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संपत्ति विवरण जमा करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन घोषित संपत्ति के स्रोत और अद्यतन कर भुगतान की नियमित निगरानी सुशासन के लिए अनिवार्य है।