अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले नेपाली शेफ संतोष शाह की अचानक हुई गिरफ्तारी को लेकर उनके सचिवालय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सचिवालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जल्दबाजी में की गई यह पुलिसिया कार्रवाई पूरी तरह से निंदनीय है, जिसका एकमात्र मकसद शेफ शाह द्वारा जीवनभर अर्जित की गई प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंचाना था।
यह पूरा विवाद काठमांडू के गैरीधारा में स्थित 'शिला रेस्टोरेंट' की संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़ा है। आर्जव होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह रेस्टोरेंट उस समय गहरे वित्तीय संकट, बैंक ऋण और मकान मालिक के बकाया किराए के कारण बंद होने की कगार पर था। ऐसे में मिथिला संस्कृति और व्यंजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, संतोष शाह के 'मिथिला थाली' रेस्टोरेंट ने २.२५ करोड़ रुपये में इस संपत्ति को खरीदने का समझौता किया था।
सौदे के तहत, मिथिला थाली ने आर्जव होल्डिंग्स की ओर से मकान मालिक का बकाया ४० लाख रुपये किराया और नेपाल विद्युत प्राधिकरण का २,७७,९९७ रुपये का बिजली बिल सीधे चुकाकर सहयोग किया था। इसके अलावा, आर्जव होल्डिंग्स द्वारा नेपाल बैंक से लिए गए ऋण की मासिक किस्तें भी मिथिला थाली की तरफ से ही समय-समय पर जमा की जा रही थीं।
हाल ही में मीडिया में सुर्खियां बनी २५ लाख रुपये की राशि को लेकर स्थिति साफ करते हुए सचिवालय ने बताया कि वास्तव में निर्धारित राशि से अधिक, यानी कुल २८ लाख २५ हजार रुपये बैंकिंग प्रणाली के जरिए पहले ही दिए जा चुके हैं। विवरण के अनुसार, कंपनी के नबील बैंक खाते में १७ लाख रुपये, लक्ष्मी सनराइज बैंक के जरिए ६ लाख रुपये और नेपाल बैंक लिमिटेड के माध्यम से ५ लाख २५ हजार रुपये के चेक भुनाए जा चुके हैं। आर्जव की प्रतिनिधि शकुंतला थापा द्वारा बार-बार व्यक्तिगत खाते में भुगतान की मांग करने के बावजूद, नियमों के तहत कंपनी के नाम पर ही पैसे भेजे गए।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त करने के बावजूद आर्जव होल्डिंग्स ने अब तक मिथिला थाली को कोई आधिकारिक बिल या टैक्स क्लीयरेंस (कर चुकता) दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया है। जहां तक गिरफ्तारी का सवाल है, वह महज ४.५ लाख रुपये के विवाद को लेकर की गई थी।
सचिवालय ने स्पष्ट किया कि काठमांडू जिला अदालत के इस फैसले के खिलाफ वे उच्च न्यायालय में अपील करने की समय-सीमा के भीतर तैयारी कर रहे थे। लेकिन इस बीच, एक छोटी सी रकम के लिए जनकपुर से केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम भेजकर उन्हें हिरासत में लेना एक गहरी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। फिलहाल हिरासत से रिहा हो चुके शेफ संतोष शाह जल्द ही मीडिया के सामने आकर इस पूरे मामले के दस्तावेजी सबूत पेश करेंगे।