चीन के डिजिटल क्षेत्र में गहराता संकट
चीन के तकनीकी उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल सॉफ्टवेयर पेशेवरों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। कभी देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले डेवलपर्स अब बड़े पैमाने पर छंटनी, सिमटते अवसरों और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं।
एआई कोडिंग और साइलेंट लेऑफ
लगभग 70 लाख से 94 लाख प्रोग्रामर्स वाले चीन में एआई टूल्स ने इंसानी कर्मचारियों की जरूरत को बेहद कम कर दिया है। साल 2025 में प्रमुख इंटरनेट कंपनियों में 20% से 30% कोड एआई द्वारा तैयार किए जा रहे थे, जो 2026 के मध्य तक कुछ कंपनियों में बढ़कर 90% तक पहुंच गए। कंपनियां आधिकारिक तौर पर छंटनी का ऐलान करने के बजाय चुपचाप अनुबंधों का नवीनीकरण रोक रही हैं और नई भर्तियों पर पाबंदी लगा रही हैं।
टेक दिग्गज कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी
अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस, मेइतुआन और जेडी डॉट कॉम जैसी प्रमुख दिग्गज कंपनियों में कर्मचारियों की कटौती आम बात हो गई है। जून 2026 में शॉपी ने अपने शीर्ष इंजीनियरों को बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं फ्लिगी ने 10 साल के अनुभव वाले वरिष्ठ डेवलपर्स को निकाल दिया। इसके अलावा, मेइतुआन ने अपने 30% बैकएंड स्टाफ को एक ही झटके में हटा दिया, जिससे कई दफ्तरों में आधी सीटें खाली हो गई हैं।
कार्यस्थल का दबाव और उम्र की पाबंदी
एआई के आने से कार्यकुशलता तो बढ़ी है, लेकिन बचे हुए कर्मचारियों का बोझ कम नहीं हुआ है। प्रबंधकों द्वारा जो परियोजनाएं पहले 10 दिनों में पूरी होती थीं, उन्हें अब 1 दिन में पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा, उद्योग में लंबे समय से चली आ रही 35 वर्ष की आयु सीमा अब और घटकर 30 वर्ष के शुरुआती चरण में आ गई है, जिससे होम लोन और पारिवारिक जिम्मेदारियां उठाने वाले डेवलपर्स संकट में घिर गए हैं।
सरकारी नीतियां और विकल्पों की कमी
चीन सरकार "एआई प्लस एक्शन प्लान" के तहत 2027 तक प्रमुख उद्योगों में 70% और 2030 तक 90% एआई पैठ हासिल करने का लक्ष्य बना रही है। हालांकि, विस्थापित कर्मचारियों के लिए किसी व्यापक पुनर्प्रशिक्षण या सामाजिक सुरक्षा योजना का अभाव है। वर्षों तक सुबह 9 से रात 9 बजे तक हफ्ते में 6 दिन (996 शेड्यूल) काम करने वाले कई डेवलपर्स अब राइड-हेलिंग, गिग वर्क या प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन जैसे व्यवसायों को अपनाने के लिए मजबूर हैं।