नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा लगभग पांच महीने लंबे स्वास्थ्य उपचार के बाद स्वदेश लौट आए हैं। नेपाल पहुंचते ही एक वक्तव्य जारी करते हुए देउबा ने कहा कि वह सत्ता प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और देश की सेवा करने के लिए एक विनम्र सेवक के रूप में लौटे हैं। उन्होंने अपनी सेहत के प्रति चिंता व्यक्त करने और शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री देउबा ने नेपाली कांग्रेस के ऐतिहासिक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने देश में लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए दशकों तक संघर्ष किया है। उन्होंने बीपी कोइराला, गणेशमान सिंह और गिरिजा प्रसाद कोइराला जैसे नेताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह विरासत केवल गर्व का पदक नहीं, बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई एक पवित्र जिम्मेदारी है।

युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं पर बात करते हुए देउबा ने कहा कि नेपाली कांग्रेस युवाओं द्वारा मांगे गए बदलावों को स्वीकार करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष अगस्त में हुए जेनजी आंदोलन की जायज मांगों को संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया बदल रही है और पार्टी समाज के सभी वर्गों और नई पीढ़ी की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्तमान सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए देउबा ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार का पहला कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक पूर्वाग्रह से काम लेना देश और सत्तारूढ़ दल दोनों के हित में नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और यदि नई सरकार जनमत का सम्मान नहीं करती है तो जनता अपना निर्णय स्वयं लेती है।

देउबा ने संविधान के संरक्षण और उसमें किसी भी संशोधन को राष्ट्रीय सहमति के आधार पर करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पार्टी के भीतर व्याप्त निराशा और मतभेदों को तुरंत सुलझाने की अपील करते हुए कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत अहंकार को छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया ताकि देश की राष्ट्रीयता मजबूत रह सके।

वर्ष 1976 में बीपी कोइराला के स्वदेश वापसी के ऐतिहासिक क्षण का स्मरण करते हुए देउबा ने कहा कि 47 वर्षों के बाद आज फिर देश को मजबूत राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता है। उन्होंने दोहराया कि उनका जीवन एक खुली किताब की तरह है और उन्होंने हमेशा कानून, संविधान और नैतिकता के दायरे में रहकर काम किया है, तथा आगे भी वह देश और जनता के सर्वोत्तम हित में कार्य करते रहेंगे।