देश के समग्र विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए वर्तमान सरकार को कार्य करने का पर्याप्त अवसर दिया जाना आवश्यक है। काठमांडू में नेशनल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित एक विचार गोष्ठी में विदेश मामलों के विशेषज्ञ भाईराजा पांडे ने चेतावनी दी कि बार-बार के राजनीतिक आंदोलनों से देश गहरे संकट में फंस सकता है।
सरकार की कार्यप्रणाली का आकलन करते हुए पांडे ने कहा कि यद्यपि क्रियान्वयन में कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने सुझाव दिया कि देश को सही दिशा में ले जाने के लिए अनुभवी विशेषज्ञों के साथ व्यापक परामर्श किया जाना चाहिए।
कराधान प्रणाली पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कर संग्रह किसी मंत्री के व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण और सार्वजनिक विकास के लिए होता है। इसलिए अर्थमंत्री को हटाने जैसी अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय कर व्यवस्था को राष्ट्र हित में देखना चाहिए।
संसदीय व्यवस्था के संदर्भ में पांडे ने कहा कि सांसदों के लिए निजी सचिवों का होना प्रशासनिक कार्यों के लिए जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया को रिश्तेदारों की भर्ती का केंद्र नहीं बनने दिया जाना चाहिए।
अंत में उन्होंने आम जनता से अपील की कि जीवन स्तर से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान रातों-रात संभव नहीं है। सरकार को अपनी कार्यशैली सुधारने के लिए सुझावों और आलोचनाओं को स्वीकार करने की संस्कृति विकसित करनी होगी।