नेपाली कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक अनुशासन को लेकर पार्टी नेतृत्व ने अब कड़े तेवर अपना लिए हैं। शनिवार सुबह विराटनगर स्थित ऐतिहासिक कोइराला निवास पहुंचे पार्टी अध्यक्ष गगन थापा ने स्पष्ट किया कि संगठन के नियमों की अनदेखी करने वाले और दलीय व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विशेष महाधिवेशन के माध्यम से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार कोइराला निवास पहुंचे थापा ने मीडिया से बातचीत में यह संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हालांकि पार्टी से बाहर चल रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विधान के विपरीत काम करने वालों को कोई संरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने आगामी अधिवेशन के लिए सदस्यता प्रबंधन हेतु एक साझा तंत्र बनाने की इच्छा जताई, पर साथ ही सचेत किया कि बाधा उत्पन्न करने वालों को सधन्यवाद सेवामुक्त कर दिया जाएगा।

आंतरिक राजनीति के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष ने गत 9 सितंबर (भदौ 24) को कोइराला निवास में हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को लेकर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। बीपी कोइराला से लेकर शेखर कोइराला तक की राजनीतिक विरासत के गवाह रहे इस ऐतिहासिक भवन को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बड़ी क्षति के मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

थापा ने कहा कि उससे पिछले दिन की घटनाओं की कानूनी जांच में कांग्रेस का समर्थन है, लेकिन उसके अगले ही दिन कोइराला निवास से लेकर चाक्सीबारी और सिंहदरबार से लेकर राष्ट्रपति भवन तक हुए नुकसान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल एक न्यायिक समिति के गठन की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को दबाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का संदेह जताते हुए उसे तुरंत सार्वजनिक करने की मांग भी की।

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