चीन में मध्य-शरद त्योहार के दौरान खुदरा खर्च में आई भारी गिरावट ने देश में गहराते आर्थिक संकट और घटते उपभोक्ता विश्वास को उजागर कर दिया है।

व्यापारियों द्वारा भारी छूट और ऑफ़र दिए जाने के बावजूद दुकानों में महंगे उपहार बॉक्स, वाइन और पारंपरिक मिठाइयाँ बिना बिके रह गईं।

रोजगार की अनिश्चितता, प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती और आय में धीमी वृद्धि के कारण चीनी नागरिक अब गैर-जरूरी खर्चों से बच रहे हैं।

इसके अलावा, खाद्य पदार्थों में कील, ब्लेड और धातु के टुकड़े मिलने की खबरों ने गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बीवाईडी के कर्मचारियों ने भी घटते त्योहारी भत्तों और खराब गुणवत्ता वाले उपहारों को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराया।

यह विवाद दर्शाता है कि कॉर्पोरेट कंपनियों की भारी कमाई के बावजूद आम कर्मचारियों के लाभ और क्रय शक्ति में लगातार कमी आ रही है।

सालों से चीन में त्योहारी उपहारों को सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब लोग केवल व्यावहारिक और सस्ती वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

सरकार द्वारा खपत बढ़ाने के लिए दिए गए प्रोत्साहन और नियमों के बावजूद नागरिक भविष्य की चिंताओं के कारण खर्च करने से कतरा रहे हैं।

त्योहार के सुस्त आंकड़ों से साफ है कि चीन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सामान बनाना नहीं, बल्कि लोगों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।

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