भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक संबंधों का दायरा अब और अधिक व्यापक होने जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न औद्योगिक और रणनीतिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को अपनी अधिकतम क्षमता तक ले जाना है। दोनों देश अपने ऐतिहासिक गठबंधन को एक अधिक एकीकृत क्षेत्रीय साझेदारी में बदलने के लिए व्यापक ढांचे तलाश रहे हैं।
यह नया कूटनीतिक रुख भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और नेपाल के नवनियुक्त विदेश मंत्री शिशिर खनाल के बीच मॉरीशस में हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आया है। डॉ. जयशंकर द्वारा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने वहां दोपहर के समय मुलाकात की।
Glad to meet FM Shishir Khanal @shisir of Nepal this afternoon. Congratulated him on his appointment.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 10, 2026
Discussed realising the full potential of the 🇮🇳 🇳🇵 partnership by deeper collaboration in different sectors. pic.twitter.com/wKopzovHBi
इस बैठक के दौरान, भारतीय विदेश मंत्री ने खनाल को उनके नए पदभार ग्रहण करने पर औपचारिक रूप से बधाई दी। इसके बाद उनकी बातचीत मुख्य नीतिगत मामलों पर केंद्रित हो गई, जिसमें दोनों पड़ोसी देशों की ऐतिहासिक साझेदारी की असीम संभावनाओं को पूरी तरह से साकार करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त पहल को और अधिक मजबूत करने की इस प्रतिबद्धता के साथ, नई दिल्ली और काठमांडू अपने पारंपरिक संबंधों को एक आधुनिक और परिणाम-उन्मुख गठबंधन में बदलने के लिए तैयार दिख रहे हैं, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में दोनों देशों की जनता को मिलेगा।