काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास, नेपाल सरकार के भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामले तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय और नेपाल के संबंधित परियोजना कार्यान्वयन निकायों के बीच आज भारत सरकार की अनुदान सहायता से 8 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं को संचालित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। काठमांडू में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल अनुमानित लागत नेरु. 80.3 करोड़ की इन परियोजनाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में लागू करने का निर्णय लिया गया।

समझौते के अंतर्गत नेपाल के विभिन्न प्रांतों में आठ परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। कोशी प्रांत के अंतर्गत सुनसरी के धरान में स्थित बी.पी. कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान का डिजिटलीकरण, भोजपुर के टेम्केमैयुंग गांवपालिका में कृषि उत्पाद संग्रह एवं बिक्री केंद्र का निर्माण, मोरंग के बेलबारी बहुमुखी परिसर का भवन निर्माण और सुनसरी के बर्जु गांवपालिका में 15 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण शामिल है।

बागमती प्रांत के धादिंग जिले के ज्वालामुखी गांवपालिका में शहरी कृषि एवं पशुपालन केंद्र भवन का निर्माण किया जाएगा। कर्णाली प्रांत के दैलेख जिले के डुंगेश्वर गांवपालिका में 10 बेड का अस्पताल निर्माण और हुम्ला के सर्केगाड गांवपालिका में कृषि संवर्धन केंद्र का निर्माण होगा। गण्डकी प्रांत के स्यांगजा जिले के कालीगण्डकी गांवपालिका में एक कोल्ड स्टोर का निर्माण किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं नेपाल सरकार के स्थानीय निकायों और संस्थाओं के माध्यम से कार्यान्वित की जाएंगी।

वर्ष 2003 से भारत सरकार ने आज हस्ताक्षर की गई आठ परियोजनाओं सहित नेपाल में अब तक 605 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। इनमें से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण क्षेत्र में 512 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

पड़ोसी देशों के बीच इस व्यापक सहकार्य के तहत इन उच्च प्रभाव परियोजनाओं का कार्यान्वयन प्राथमिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास करने के साथ नेपाल सरकार के विकास और समृद्धि के प्रयासों को निरंतर मजबूती प्रदान करेगा।