नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका-३, कप्तानगंज में हुई हिंसक घटना के विरोध में सोमवार को काठमांडू में प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय एकता दल के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय देने की मांग करते हुए सरकार को २४ घंटे का अल्टीमेटम दिया है। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में दल के नेताओं ने घोषणा की कि यदि निर्धारित समय के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी अध्यक्ष विनय यादव कल से आमरण अनशन पर बैठेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। वक्ताओं ने कहा कि सुनसरी में हुई घटना ने धार्मिक सहिष्णुता, नागरिक सुरक्षा और कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, इसलिए सरकार को तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार को सच उजागर कर दोषियों को कानून के दायरे में लाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान आयोजकों ने सरकार के समक्ष अपनी मुख्य मांगे भी रखीं। उन्होंने मृतक को शहीद घोषित करने, घायलों का मुफ्त इलाज कराने, कट्टरपंथियों को फांसी देने का कानून बनाने, रोहिंग्या और बंगाली शरणार्थियों को तुरंत देश से बाहर निकालने, मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने और मुस्लिम आयोग को भंग करने की मांग की है। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने सुनसरी घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित राहत व मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य को किसी भी मामले में पक्षपात किए बिना कानून का समान रूप से क्रियान्वयन करना चाहिए, क्योंकि ऐसी घटनाएं समाज में असुरक्षा और अविश्वास को बढ़ावा देती हैं।

प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रीय एकता दल ने सरकार को २४ घंटे का समय दिया है। पार्टी के अनुसार यदि दी गई समयावधि में सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जाती है, तो राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव कल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इसके अलावा मांगें पूरी न होने की स्थिति में देशभर में विरोध प्रदर्शन के नए कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।

यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मांगों और दिए गए २४ घंटे के अल्टीमेटम पर खबर लिखे जाने तक संबंधित सरकारी निकायों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।