उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने किम जोंग उन को पुनः सर्वसम्मति से महासचिव चुना है, जिससे शीर्ष नेतृत्व में निरंतरता बनी हुई है।

राज्य संचालित कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार यह निर्णय 19 फरवरी से शुरू हुई पार्टी कांग्रेस में लिया गया। लगभग 5,000 सदस्यों की भागीदारी वाली यह बैठक देश का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन मानी जाती है।

हालांकि किम जोंग उन पार्टी के शीर्ष पद पर बने हुए हैं, लेकिन 39 सदस्यीय कार्यकारी समिति में व्यापक फेरबदल किया गया है। बीबीसी के हवाले से राज्य मीडिया ने बताया कि 2021 की पिछली बैठक के बाद आधे से अधिक सदस्यों को बदला गया है।

सन् 2011 में अपने पिता किम जोंग इल के निधन के बाद सत्ता संभालने वाले किम ने परमाणु कार्यक्रम को प्राथमिकता दी है। केसीएनए का दावा है कि उनके नेतृत्व में देश की युद्ध प्रतिरोध क्षमता को मजबूत किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल परीक्षण सहित परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। हालांकि शासन की गोपनीय प्रकृति के कारण सैन्य प्रगति का स्वतंत्र आकलन कठिन है।

कांग्रेस के चौथे दिन में प्रवेश के साथ हथियार कार्यक्रम के अगले चरण की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। उद्घाटन भाषण में किम ने अर्थव्यवस्था सुधारने और जनजीवन स्तर उठाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की थी।