वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति बाधाओं के बीच लाओस सरकार ने ईंधन संकट को कम करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर दबाव कम करना है।
लाओ उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईंधन पर लगने वाले करों में कटौती की गई है। पेट्रोल पर कर 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया है, जबकि डीजल पर कर 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
सरकार ने मूल्य स्थिर रखने और उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए सब्सिडी कार्यक्रम से संसाधन आवंटित करने की भी घोषणा की है। आयातकों और वितरकों ने स्थिर आपूर्ति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जबकि दूरदराज क्षेत्रों में भंडारण और वितरण विस्तार की योजना बनाई गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने 13 मार्च को मंत्रालयों को ईंधन खपत कम करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के निर्देश जारी किए। इसमें चरणबद्ध कार्य व्यवस्था, वर्चुअल बैठकों का विस्तार, अनावश्यक यात्रा पर नियंत्रण और लागत कटौती उपाय शामिल हैं।
अधिकारियों ने ईंधन आपूर्ति की निगरानी, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक वाहनों के बुनियादी ढांचे का विस्तार और प्रमुख कृषि उत्पादों की कीमतों की निगरानी पर जोर दिया है। सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राजधानी वियनतियाने में मोबाइल ईंधन सेवाएं शुरू की गई हैं, जबकि चम्पासक प्रांत में मुफ्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं। सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक ये उपाय जारी रहेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रमुख बुवाखोंग नाम्मावोंग ने कहा कि मध्य पूर्व के संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिससे लाओस में भी ईंधन संकट गहरा हुआ है। उन्होंने बताया कि संकट से निपटने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया है और कई नीतिगत कदम लागू किए गए हैं।