नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) ने स्मार्ट टेलीकॉम के पूर्व प्रबंध निदेशक सर्वेश जोशी को काठमांडू के खुरसानीटार से गिरफ्तार किया है। जोशी पर ठगी और आपराधिक विश्वासघात के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
स्मार्ट टेलीकॉम का लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण अप्रैल 2023 में स्वतः रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण ने नियमों के तहत कंपनी की सभी बुनियादी संरचनाओं, प्रणालियों और नेटवर्क को अपने नियंत्रण में ले लिया था।
सीआईबी के प्रवक्ता एसपी शिव कुमार श्रेष्ठ के मुताबिक, जोशी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियंत्रण वाली इन संपत्तियों पर से सरकार का अधिकार खत्म करने के उद्देश्य से बेईमानी की। उन्होंने अवैध तरीके से कंपनी की संपत्ति को प्रभावित करने का प्रयास किया था।

फिलहाल स्मार्ट टेलीकॉम की सेवाएं बंद हैं और प्राधिकरण इसकी संपत्ति के प्रबंधन की प्रक्रिया देख रहा है। जांच एजेंसी अब इस मामले के वित्तीय पहलुओं और अन्य संभावित साझेदारों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
प्रशासन की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कॉर्पोरेट जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कानून सख्त कदम उठाएगा। आगामी दिनों में इस मामले में कुछ और खुलासे होने की संभावना है।