नेपाल के सप्तरी स्थित राजविराज के गजेन्द्रनारायण सिंह सगरमाथा अस्पताल परिसर के बाहर एक गर्भवती महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने की घटना पर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल की इस गंभीर लापरवाही पर मंत्रालय ने संस्थान से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
मामले की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए मंत्रालय ने पांच सदस्यीय जांच दल को तत्काल प्रभाव से राजविराज भेजा है। इस उच्च स्तरीय दल में नेपाल मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डा. सुप्रभात श्रेष्ठ, एथिकल कमेटी के सदस्य डा. अजय शाह और उपचारात्मक सेवा प्रभाग के प्रमुख डा. पवनजंग रायमाझी शामिल हैं।
मंत्रालय की सख्ती के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी घटना की आतंरिक जांच के लिए एक अलग समिति बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से किसी भी नागरिक को वंचित न करने की नीति दोहराते हुए मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी स्तर पर चूक या लापरवाही साबित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।