भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ और मानसूनी आपदाओं के दौरान निजी क्षेत्र द्वारा चलाए गए राहत व पुनर्वास कार्यों को नेपाल सरकार द्वारा सम्मानित करने के निर्णय का नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (एनसीसी) ने स्वागत किया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन कार्यकारी समिति की 37वीं बैठक में गृह मंत्री सुधन गुरुंग द्वारा इस योगदान की आधिकारिक सराहना और सम्मान की घोषणा के बाद व्यावसायिक समुदाय में उत्साह देखा जा रहा है।
16 असोज को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में गृह मंत्री गुरुंग ने खोज, बचाव और राहत वितरण में नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की। सरकार के इस कदम पर आभार व्यक्त करते हुए चैंबर ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राज्य की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सरकार, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और स्थानीय समुदाय का साझा कर्तव्य है।
राहत अभियानों की समीक्षा के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने के समिति के फैसले को चैंबर ने समयोचित बताया है। इसके साथ ही व्यावसायिक संस्था ने जोर दिया कि तात्कालिक राहत के अलावा आपूर्ति श्रृंखला को बहाल करने, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को पुनः संचालित करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भविष्य में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए चैंबर ने गृह मंत्रालय के साथ नियमित संवाद और समन्वय के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। संस्था का मानना है कि निजी क्षेत्र के संसाधनों और क्षमताओं की पूर्व-पहचान करके त्वरित निर्णय प्रक्रिया लागू करने से आपदाओं के दौरान होने वाली आर्थिक और मानवीय क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है।