नेपाल सरकार ने सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीकृत नागरिकता प्रबंधन सूचना प्रणाली और राष्ट्रीय पहचान प्रबंधन सूचना प्रणाली को आपस में जोड़ दिया है। इस एकीकरण के बाद, अब आम नागरिकों को एक ही प्रकार के विवरणों के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में बार-बार आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
ललितपुर जिला प्रशासन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान गृह मंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने इस नई व्यवस्था की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के समय और धन की बचत करना है। अब तक, राष्ट्रीय पहचान पत्र (National ID) प्राप्त करने के लिए नागरिकों को आवेदन पत्र भरने और बायोमेट्रिक विवरण देने के लिए लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब डेटा साझाकरण के कारण यह प्रक्रिया सरल हो गई है।
मंत्री अर्याल के अनुसार, गृह मंत्रालय का लक्ष्य सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी सेवाओं को नागरिक-अनुकूल बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अंतर-आवद्धता (Inter-linkage) से सरकारी डेटाबेस में उपलब्ध समान विवरणों को स्वचालित रूप से उपयोग किया जा सकेगा, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी।
वर्तमान में, यह एकीकृत सेवा 12 प्रमुख स्थानों से शुरू की जा चुकी है। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जाए, ताकि सुदूर क्षेत्रों के नागरिक भी बिना किसी परेशानी के एकीकृत डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें।