नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गृह मंत्री सुधन गुरुंग के खिलाफ लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई गृह मंत्री द्वारा अपने संपत्ति विवरण में करोड़ों के शेयर निवेश को कथित रूप से छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ उनके संबंधों की खबरों के बाद की गई है।

प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, गृह मंत्री ने सोमवार शाम को अपना लिखित जवाब सौंप दिया है। गुरुंग का तर्क है कि उन्होंने बैंक ऋण के माध्यम से शेयरों में निवेश किया है, लेकिन आधिकारिक दस्तावेजों में इस ऋण का कोई जिक्र नहीं होना उनकी दलीलों को कमजोर बना रहा है। उनके आधिकारिक संपत्ति विवरण और वर्तमान स्पष्टीकरण में भारी विरोधाभास नजर आ रहा है।

जांच में सामने आया है कि गुरुंग के पास विभिन्न कंपनियों में 4.31 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश संस्थापक शेयर हैं और मन्त्री बनने के कुछ दिन पहले ही खरीदे गए थे। गृह मंत्री ने पहले अपने निवेश का स्रोत "पैतृक संपत्ति" बताया था, जबकि अब वे इसे "बैंक लोन" बता रहे हैं, जिसका उल्लेख उनके पुराने हलफनामे में नहीं था।

इसके अलावा, विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट की कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी ने नैतिक और कानूनी सवाल खड़े कर दिए हैं। दीपक भट्ट वर्तमान में पुलिस हिरासत में हैं, ऐसे में उनके साथ गृह मंत्री की व्यावसायिक साझेदारी हितों के टकराव का संकेत देती है।

फिलहाल, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और सरकार के भीतर इस मुद्दे पर चुप्पी छाई हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अगली कार्रवाई नेपाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का असली परीक्षण होगी।