नेपाल पत्रकार महासंघ (FNJ) की अध्यक्ष निर्मला शर्मा ने निर्वाचित सरकार को चेतावनी दी है कि वह मीडिया और पत्रकारों के खिलाफ प्रतिशोध की भावना से कोई भी गतिविधि न करे। सोमवार को महासंघ के स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज के सजग प्रहरी (वाचडॉग) के रूप में सरकार के हर कदम पर पैनी नजर रख रहे हैं।

शर्मा ने उन कानूनी बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की जो संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी नए कानून को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श किया जाना चाहिए। नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ ने नेपाल बार एसोसिएशन और अन्य नागरिक समाज समूहों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाने का संकेत दिया है।

पत्रकारों के अधिकारों के अलावा, अध्यक्ष ने मीडिया उद्योग के वर्तमान आर्थिक संकट पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कई मीडिया संस्थान वित्तीय रूप से ढहने की कगार पर हैं, जिसके लिए राज्य के निवेश और सहायता की तत्काल आवश्यकता है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों के श्रम अधिकारों की सुरक्षा के मामले में महासंघ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

डिजिटल युग और सोशल मीडिया की चुनौतियों के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना एक कठिन कार्य बन गया है। निर्मला शर्मा के अनुसार, जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए एक लंबी लड़ाई की आवश्यकता है। महासंघ ने देशभर के पत्रकारों से एकजुट होने का आह्वान किया है ताकि भविष्य में प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुरक्षित रखा जा सके।