पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के बीच असुरक्षा बढ़ने के साथ ही जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह की घटनाओं में तीव्र वृद्धि की रिपोर्टें सामने आई हैं। इसने देश में अल्पसंख्यकों के पलायन को भी तेज कर दिया है।

विशेष रूप से हिंदू और ईसाई समुदायों की किशोरियां अपहरण के बाद जबरन विवाह और धर्म परिवर्तन का शिकार हो रही हैं। ऐसी घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक ढांचे पर भी गहरा प्रभाव डाल रही हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार से कड़े कानूनी कदम उठाने का आग्रह किया है। हालांकि, अब तक प्रभावी कार्यान्वयन न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।

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