पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में नया मोड़ आया है, जहां एक चीनी निर्माण कंपनी के खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया गया है। इस कदम ने परियोजना में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल फिर से सामने ला दिए हैं।

यह हवाई अड्डा चीनी ऋण और निर्माण सहयोग से तैयार किया गया था, लेकिन पूर्ण संचालन से पहले ही इसमें भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने लगे। संसद की सार्वजनिक लेखा समिति की रिपोर्ट में भी निर्माण प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया था।

भ्रष्टाचार रोधी निकाय ने अब 21 व्यक्तियों, जिनमें तत्कालीन पर्यटन सचिव केदार बहादुर अधिकारी शामिल हैं, तथा दो निर्माण कंपनियों के खिलाफ विशेष अदालत में मामला दर्ज किया है। China CAMC Engineering Co., Ltd पर नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर अनुबंध से बाहर भुगतान लेने का आरोप लगाया गया है।

जांच में पाया गया कि परामर्श सेवा के लिए निर्धारित 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रावधान के बावजूद, अलग बजट से लगभग 428.9 मिलियन नेपाली रुपये का अनुबंध किया गया और अब तक 406.8 मिलियन रुपये से अधिक का भुगतान किया गया, जिसे कानून के विरुद्ध बताया गया है।

कंपनी के चेयरमैन वांग बो और परियोजना प्रबंधक यांग झिगांग की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यह मामला बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है, जिसका अंतिम फैसला अदालत में होगा।