राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने और उनकी पत्नी निकिता पौडेल के धनगढ़ी सीमा से सड़क मार्ग द्वारा तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा पर भारत रवाना होने के बाद, उनकी इस यात्रा को लेकर राजनीतिक हलकों में नई उत्सुकता और हलचल पैदा हो गई है। लामिछाने के सुरक्षा जोखिम और राजनीतिक कद को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने यात्रा की पूरी अवधि के दौरान कड़ी वीआईपी (VIP) सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की है। यात्रा के पहले चरण में लामिछाने दंपत्ति ने उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल कैंची धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की, जिसकी तस्वीरें भी सार्वजनिक हो चुकी हैं।
कैंची धाम के दर्शन पूरे करने के बाद लामिछाने दंपत्ति किस मार्ग से आगे बढ़े, इस विषय को काफी रहस्यमय बनाया गया है। माना जा रहा है कि कैंची धाम से सबसे नजदीकी पंतनगर हवाई अड्डे (लगभग 70 किलोमीटर) या बरेली हवाई अड्डे (लगभग 140 किलोमीटर) का उपयोग करके वे नई दिल्ली या लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों की ओर रवाना हुए हैं। कैंची धाम से असम के गुवाहाटी के लिए सीधी उड़ान की सुविधा न होने के कारण नई दिल्ली (लगभग 320 किलोमीटर) या लखनऊ (लगभग 350 किलोमीटर) के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का उपयोग करना तकनीकी रूप से अधिक व्यावहारिक दिखाई देता है। विश्लेषकों का दावा है कि लंबे 'ले-ओवर' (layover) और ट्रांजिट समय का लाभ उठाकर लामिछाने ने भारत के प्रमुख शहरों में उच्चस्तरीय राजनीतिक मुलाकातें और संवाद किए हो सकते हैं।
लंबी शहर यात्राओं और गुप्त मुलाकातों का सिलसिला समाप्त होने के बाद लामिछाने दंपत्ति के गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने का कार्यक्रम है, जो कामाख्या मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गुवाहाटी पहुंचने के बाद वे ऐतिहासिक कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, और उसके बाद तस्वीरें सार्वजनिक की जाएंगी। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि कैंची धाम और कामाख्या मंदिर के बीच की मुख्य राजनीतिक गतिविधियों और बैठकों का विवरण पूरी तरह से गोपनीय ही रहेगा।
नेपाल में दशैं-तिहार (दशहरा-दीपावली) जैसे त्योहारों के तुरंत बाद सत्ता और राजनीतिक समीकरणों को बदलने वाले आंदोलन की सुगबुगाहट तेज होने के बीच, रवि की इस भारत यात्रा और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में हुई आंतरिक गतिविधियों को काठमांडू के सत्ता के गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।