तिब्बत क्षेत्र से निकलने वाले ल्हेन्दे नाले में आई अचानक बाढ़ के भोटेकोशी नदी में मिलने से उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही हुई है। बुधवार सुबह आई इस प्राकृतिक आपदा ने टिमुरे, स्याफ्रुबेसी और मैलुंग जैसे प्रमुख बाजार क्षेत्रों और रिहाइशी बस्तियों को व्यापक नुकसान पहुँचाया।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, इस भीषण त्रासदी में अब तक 72 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बाढ़ के तेज बहाव में बहे ये शव रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों के नदी तटीय इलाकों से बरामद किए गए हैं।
इस आपदा की चपेट में सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बल भी बड़ी संख्या में आ गए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नेपाली सेना के 44 अधिकारी, सशस्त्र प्रहरी बल के निरीक्षक अंबिर खत्री सहित 9 जवान और नेपाल पुलिस के करीब 30 कर्मचारी वर्तमान में लापता हैं।
सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण प्रभावित इलाकों में व्यापक हवाई बचाव अभियान चलाया गया। नेपाली सेना और निजी एयरलाइंस के हेलीकॉप्टरों ने 49 उड़ानें भरकर 114 से अधिक फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला और घायलों को इलाज के लिए काठमांडू पहुँचाया।
सीमा पार से आई इस आपदा के बाद नेपाल और चीन के मौसम विज्ञान विभागों के बीच एक आपातकालीन बैठक हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने भविष्य में सीमा पार जल त्रासदियों से निपटने और चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए वास्तविक समय में मौसम डेटा साझा करने पर सहमति व्यक्त की है।