राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उपाध्यक्ष डोलप्रसाद अर्याल ने घोषणा की है कि यदि वे सदन के सभामुख (अध्यक्ष) के रूप में चुने जाते हैं, तो उनका हर निर्णय नेपाल के संविधान और स्थापित कानूनों के दायरे में होगा। शुक्रवार को सिंहदरबार में सभामुख पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के बाद अर्याल ने यह प्रतिबद्धता जताई।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अर्याल ने स्पष्ट किया कि वे कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के बीच शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत को पूरी तरह से आत्मसात करेंगे। उनका लक्ष्य विधायिका की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और संसदीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।

नामांकन के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी का मुख्य उद्देश्य नेपाली जनता का कल्याण और राष्ट्रीयता का संरक्षण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलती है, तो वे विधायी कार्यों को न्यायसंगत और जन-केंद्रित तरीके से संचालित करेंगे।

सभामुख के चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है और आरएसपी ने अपने उपाध्यक्ष पर भरोसा जताया है। अर्याल ने दोहराया कि उनका कार्यकाल व्यवस्थापकीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।

आने वाले दिनों में होने वाला यह चुनाव तय करेगा कि क्या विधायी कार्यों में पारदर्शिता और संवैधानिक मर्यादा के इन वादों को धरातल पर उतारा जा सकेगा।