एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रूस ने जापान को उसके सैन्य विस्तार संबंधी कदमों पर गंभीर चेतावनी दी है, इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संभावित खतरा बताया गया है।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने कहा कि जापान को अपने अतीत से सबक लेते हुए अपने संविधान के शांतिवादी प्रावधानों का पालन करना चाहिए। एक नियमित प्रेस वार्ता में उन्होंने जापान द्वारा क्रूज मिसाइल जैसे हथियारों की खरीद को पुनः सैन्यीकरण की दिशा में बढ़ते कदम के रूप में प्रस्तुत किया।

ज़ाखारोवा के अनुसार, ऐसे हथियारों को केवल रक्षात्मक नहीं माना जा सकता, जिससे पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने जापान के बढ़ते रक्षा बजट और उन्नत हथियारों की खरीद को संभावित रूप से अस्थिरता बढ़ाने वाला बताया।

रूस पहले भी इन मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त करता रहा है और अब यह मानता है कि जापान की वर्तमान नीतियां क्षेत्रीय और वैश्विक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इससे एशिया-प्रशांत में तनाव बढ़ने और हथियारों की नई दौड़ शुरू होने का जोखिम भी पैदा हो सकता है।

रूसी पक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि उसके क्षेत्र के खिलाफ किसी प्रकार का नया मिसाइल खतरा उत्पन्न होता है, तो वह उचित जवाब देगा और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे आने वाले समय में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।