नेपाल के प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के भीतर जारी आंतरिक रस्साकशी के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कोइराला परिवार के दो वरिष्ठ नेताओं डाॅ. शशांक कोइराला और डाॅ. शेखर कोइराला के असंतुष्ट धड़े में रहने के बावजूद पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सुजाता कोइराला ने सभापति गगन थापा के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।  

शुक्रवार को आयोजित पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक के दौरान सुजाता कोइराला ने कहा कि देश के युवाओं में गगन थापा के प्रति भारी आकर्षण है। इसी वजह से पार्टी की बागडोर युवा नेतृत्व के हाथों में ही रहनी चाहिए।  

नेत्री कोइराला ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें थापा की कार्यशैली पर संदेह था, लेकिन जिस तरह से वे सभी गुटों को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रहे हैं, उससे उनका विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी को कमजोर करने की साजिशें रची जा रही हैं, जिन्हें नाकाम करने के लिए एक संयुक्त महाधिवेशन की आवश्यकता है।  

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पार्टी में गुटबाजी समाप्त करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक एकजुटता दोनों पक्षों के लचीले रुख से ही संभव है। पूर्व नेतृत्व और शेर बहादुर देउवा गुट को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि केवल बयानों से एकता नहीं होगी, बल्कि इसके लिए ठोस राजनीतिक समझौते करने होंगे।

आगामी चुनावों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सुजाता कोइराला ने स्पष्ट किया कि पार्टी की जीत के लिए आपसी मतभेदों को भुलाना होगा। उन्होंने असंतुष्ट धड़े से भी अपील की कि वे गगन थापा के नेतृत्व को स्वीकार कर पार्टी को एक नए ट्रैक पर आगे बढ़ाएं।