नेपाल के सुनसरी जिला स्थित देवनगंज इलाके में हुए हिंसक टकराव और उपद्रव के कारण तीन लोगों की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कप्तानगंज के नया हटिया क्षेत्र में हुई गोलीबारी के दौरान स्थानीय निवासी ओमप्रकाश मेहता, जयप्रकाश मेहता और रवीन्द्र मेहता की जान चली गई।

सुनसरी जिला पुलिस कार्यालय द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उपद्रव के दौरान 112 मकानों और अन्य ढांचों के साथ-साथ 61 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। आगजनी और तोड़फोड़ में 23 पक्के मकान और 25 कच्चे मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए। इसके अलावा 50 अन्य मकान, दो मंदिर, पांच अन्य निर्माण और एक ईंट भट्ठा क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं 44 दोपहिया और पांच चारपहिया वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

यह विवाद 25 जुलाई की शाम बोलबम यात्रा पर निकले कांवड़ियों पर हुए हमले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कप्तानगंज समेत सुनसरी के कई इलाकों में प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने 52 मोटरसाइकिल और स्कूटर, आठ सिटी सफारी और चार चारपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

घटना में कुल 40 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 25 लोग प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट चुके हैं जबकि 12 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। जिला पुलिस प्रमुख एसपी पुष्पराज मल्ला ने बताया कि नुकसान का विवरण जुटाने और शिकायतों के सत्यापन का काम जारी है, जिससे क्षति का अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने संयुक्त सचिव भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में गठित जांच समिति का कार्यकाल 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। 26 जुलाई को गठित यह समिति हिंसा के कारणों, गोलीबारी की घटना और संपत्ति के नुकसान की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।