राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के भीतर नए नेतृत्व ढांचे को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। पार्टी के पहले चरण के आंतरिक चुनावी कार्यक्रम के समापन के साथ ही केंद्रीय समिति की कमान संभालने वाले चेहरों की स्थिति साफ हो गई है।

इस संगठनात्मक दौड़ में कुल ३८४ उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिनमें से केवल ९९ सदस्य ही अंतिम रूप से निर्वाचित होने में सफल रहे। यह चुनाव पार्टी के भीतर नेताओं के जमीनी जनाधार को मापने का एक बड़ा जरिया साबित हुआ है।

ताजा चुनावी नतीजों के अनुसार, वर्तमान अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। उन्होंने इस चुनाव में रिकॉर्ड २ हजार ६५६ वोट हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

उच्च मतदान पाने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में सोविता गौतम ने २ हजार ६४१ वोटों के साथ अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। इसके साथ ही शिशिर खनाल को २ हजार ५३८ मत मिले, जबकि सागर ढकाल और तोसिमा कार्की ने क्रमशः २ हजार ३७६ और २ हजार ३०२ वोट हासिल कर अपना दबदबा साबित किया।

केंद्रीय समिति के पदों के लिए जहां कड़ी टक्कर देखने को मिली, वहीं पार्टी के सर्वोच्च पद पर किसी भी तरह का मुकाबला नहीं हुआ। अध्यक्ष पद के लिए रवि लामिछाने के खिलाफ कोई अन्य नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध चुन लिया गया।

पार्टी के इस नए सांगठनिक ढांचे को बेहद संतुलित और समावेशी बनाने का प्रयास किया गया है। इसके तहत खुले वर्ग से २०, खस आर्य समुदाय से १०, आदिवासी जनजाति से ९, मधेसी कोटे से ५, दलित वर्ग से ४, तथा थारू और मुस्लिम समुदायों से २-२ प्रतिनिधियों को जगह मिली है। इसके अतिरिक्त, देश के सभी सात प्रांतों से ५-५ सदस्यों को चुनकर क्षेत्रीय संतुलन भी साधा गया है।

निर्वाचन समिति द्वारा आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाने के बाद अब इस नए नेतृत्व पर पार्टी को एक नई राजनीतिक दिशा देने और भविष्य की रणनीतियों को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

नवनिर्वाचित केंद्रीय समिति सदस्यों को मिले वोटों का पूरा विवरण इस प्रकार है:

ADVERTISEMENT Nepal Aaja Register