रूस की तेल आय को सीमित करने के उद्देश्य से ब्रिटेन ने 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक का सबसे बड़ा प्रतिबंध पैकेज लागू किया है।
इस पैकेज में लगभग 300 नए प्रतिबंध शामिल हैं, जिनका लक्ष्य ऊर्जा राजस्व, विशेष रूप से तेल निर्यात, और युद्ध प्रयासों से जुड़े सैन्य उपकरण आपूर्तिकर्ता हैं। ब्रिटेन ने बताया कि अब तक उसके प्रतिबंध ढांचे के तहत 3,000 से अधिक व्यक्ति, संस्थाएं और जहाज प्रभावित किए जा चुके हैं।
यह घोषणा ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर की कीव यात्रा के साथ सामने आई, जहां यूक्रेन की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहयोग पर भी चर्चा हुई।
नए प्रतिबंधों का मुख्य ध्यान पाइपलाइन नेटवर्क पर है, जिसके माध्यम से रूस के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा भेजा जाता है। इससे प्रतिबंधित कच्चे तेल के वैश्विक वितरण को और जटिल बनाने की उम्मीद है।
ब्रिटिश सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने अब तक रूस को 450 अरब डॉलर से अधिक की आय से वंचित किया है, जिसे यूक्रेन में उसके सैन्य अभियानों के दो अतिरिक्त वर्षों के वित्तपोषण के बराबर बताया गया है। यह कदम युद्ध के बीच आर्थिक दबाव को और बनाए रखने की दिशा में देखा जा रहा है।